(N/A) परिभाषा: एल्कीन के ओजोनोलिसिस में एल्कीन में ओजोन अणु का योग करके ओजोनॉइड बनाना,और फिर $Zn/H_{2}O$ का उपयोग करके ओजोनॉइड का विखंडन करके छोटे कार्बोनिल अणु प्राप्त करना शामिल है। यह अभिक्रिया एल्कीन या अन्य असंतृप्त यौगिकों में द्वि-आबंध की स्थिति का पता लगाने में अत्यधिक उपयोगी है।
$(b)$ सामान्य अभिक्रिया:
$R_{2}C=CR_{2} + O_{3}$ $\xrightarrow{CH_{2}Cl_{2}/CHCl_{3}/CCl_{4}, \approx 200K} \text{ओजोनॉइड}$ $\xrightarrow{Zn, H_{2}O} R_{2}C=O + O=CR_{2} + H_{2}O_{2}$
$(c)$ उदाहरण: प्रोपीन का ओजोनोलिसिस:
$CH_{3}-CH=CH_{2} + O_{3}$ $\xrightarrow{CCl_{4}} \text{प्रोपीन ओजोनॉइड}$ $\xrightarrow{Zn, H_{2}O} CH_{3}CHO (\text{एथेनल}) + HCHO (\text{मेथेनल}) + H_{2}O_{2}$